UPPCS Mains- 2018 answer writing practice || UPPCS मुख्य परीक्षा – 2018 उत्तर लेखन अभ्यास #22

UPPCS Mains- 2018 answer writing practice

Compare and contrast German unification with Italian unification, with special emphasis on role of Bismarck and Cavour. (200 words)
बिस्मार्क और कैवूर की भूमिका पर विशेष देते हुए इटली के एकीकरण के साथ जर्मन एकीकरण का तुलनात्मक अध्ययन करें। (200 शब्द)

In the history of Europe, Both German and Italian unification were landmark events, with certain similarities and dissimilarities.

Similarities:
1. Central theme was identical i.e struggle for national unity and its attainment. Both began the period with disunity and harsh treatment at the Congress of Vienna in 1815.  They made unsuccessful attempts in 1848 (instigated by French Revolution), and finally attained unity at almost the same time with similar military operations in 1871.

  1. Both unification occurred with support of strongest state in both nations, Sardinia Piedmont in Italy and Prussia in Germany.
  2. Both protagonists Count Cavour (Italy) and Bismarck (Germany) opposed republican system and supported strong monarchies.
  3. Both states encountered initial resistance from stubborn Austria and were trying to throw away Austrian yoke from their territories.

Role of Bismarck and Cavour:
Germany already had a greater measure of unity prevailing than Italy. There was no foreign rule to be overthrown and no interferences from Pope’s side.  Piedmont was an extremely weak state, so Cavour’s task was far more difficult as he was dependent on foreign aid for Italian Unification. In contrast, Bismarck just needed neutrality of other states as Prussia already commanded respect and prominent position in Germany. Zollverein provided economic unification which was absent in Italy.
Cavour had support of Italian people while Bismarck had to struggle and work against the  popular will and force unity upon a reluctant nation.  Cavour had full support of King Emmanuel II, while King William I supported Bismarck bitterly  and reluctantly. Cavour had support of intellectuals such as Mazzini and Garibaldi, while Bismarck had to do everything on his own, unaided and alone.
Bismarck had to wage two wars against two big European powers Austria
& France. Austria was deeply entrenched in Germany and its expulsion would have caused much more opposition in Europe as compared to in Italy. Hence, Bismark faced severe diplomatic difficulties than Cavour.



समानताएं:

  1. केंद्रीय विषय राष्ट्रीय एकता और इसकी प्राप्ति के लिए संघर्ष था। दोनों का संघर्ष 1815 में वियना कांग्रेस में विघटन और कठोर व्यवहार से आरम्भ हुआ था  | दोनों ने 1848 में (फ्रांसीसी क्रांति द्वारा प्रेरित) असफल प्रयास किए, और आखिरकार 1871 में सैन्य अभियानों के साथ एक ही समय में एकता प्राप्त की |
  2. दोनों के एकीकरण की पहल दोनों देशों में सबसे मजबूत राज्य, इटली में सार्डिनिया पाइडमोंट और जर्मनी में प्रशिया ने की ।
  3. दोनों के नायकों कैवूर (इटली) और बिस्मार्क (जर्मनी) ने गणतंत्र  प्रणाली का विरोध किया और मजबूत राजतंत्रों का समर्थन किया।
  4. दोनों राज्यों ने ऑस्ट्रिया से प्रारंभिक प्रतिरोध का सामना किया क्यूँकि दोनों ही ऑस्ट्रियाई प्रभुत्व को अपने क्षेत्रों से उखाड़  फेंकने की कोशिश कर रहे थे।

बिस्मार्क और कैवूर की भूमिका:

जर्मनी  पहले से ही इटली की तुलना में अधिक एकीकृत था।  कोई विदेशी प्रतिद्वंदी भी उसके क्षेत्र में नहीं था और पोप की तरफ से कोई हस्तक्षेप  नहीं था। पाइडमोंट एक बेहद कमजोर राज्य था, इसलिए कैवूर का कार्य कहीं अधिक कठिन था क्योंकि वह इतालवी एकीकरण के लिए विदेशी सहायता पर निर्भर था। इसके विपरीत, बिस्मार्क को मात्र अन्य राज्यों की तटस्थता की आवश्यकता थी क्योंकि प्रशिया ने पहले से ही जर्मन  राज्यों में  सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त कर ली थी । ज़ोलवेरिन(कस्टम इकाई) ने आर्थिक एकीकरण प्रदान कर दिया था जो इटली में अनुपस्थित था।
कैवूर को इतालवी लोगों का समर्थन था, जबकि बिस्मार्क को जनमत  के विरुद्ध  संघर्ष करना करना पड़ा और एक अनिच्छुक राष्ट्र पर एकता थोपनी पड़ी । कैवूर को राजा इमानुअल द्वितीय का पूर्ण समर्थन था, जबकि  विलियम प्रथम  ने बिस्मार्क को अनिच्छा से समर्थन दिया |  कैवू र को मैजिनी और गैरीबाल्डी जैसे बौद्धिकों का समर्थन मिला, जबकि बिस्मार्क को अपने दम  पर अकेले सब कुछ करना पड़ा।
बिस्मार्क को ऑस्ट्रिया और फ्रांस, दो बड़ी यूरोपीय शक्तियों के खिलाफ दो युद्ध करने पड़े । ऑस्ट्रिया जर्मनी में काफी प्रभाव रखता था और इटली की तुलना में यूरोप(जर्मन क्षेत्रों) से उसके निष्कासन का अधिक विरोध हुआ होगा। इसलिए, बिस्मार्क को कैवूर की तुलना में गंभीर राजनयिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।