उत्कृष्टता के रास्ते: ‘इंस्टीट्यूट ऑफ एमीनेंस ‘(IOE) #10

Oracle IAS, the best coaching institute for UPSC/IAS/PCS preparation in Dehradun (Uttarakhand), brings to you views on important issues.

सरकार ने 2018 के केन्द्रीय बजट में 10 सरकारी और 10 निजी संस्थानों को विश्व स्तरीय बनाने की घोषणा की थी। दो वर्षों के बाद 900 विश्वविद्यालयों में से मात्र छः को ही ‘इंस्टीट्यूट ऑफ एमीनेंस ‘(IOE) योजना के लिए चुना जा सका है। ऐसा लगता है कि आई ओ ई को एक नए परिप्रेक्ष्य से देखने की आवश्यकता है। पढ़ना जारी रखें “उत्कृष्टता के रास्ते: ‘इंस्टीट्यूट ऑफ एमीनेंस ‘(IOE) #10”

पुलिस की भूमिका बदली जाए #9

Oracle IAS, the best coaching institute for UPSC/IAS/PCS preparation in Dehradun (Uttarakhand), brings to you views on important issues.

1960 में भारत और अमेरिका दोनों ही देश कानून-व्यवस्था की बिगड़ी स्थिति से परेशान थे, और इससे निपटने का प्रयत्न कर रहे थे। दोनों ही देशों ने अलग-अलग रास्ते अपनाए, और अलग-अलग परिणाम भी पाए। पढ़ना जारी रखें “पुलिस की भूमिका बदली जाए #9”

राज्य वित्त आयोगों को क्षमतावान बनाया जाए #8

Oracle IAS, the best coaching institute for UPSC/IAS/PCS preparation in Dehradun (Uttarakhand), brings to you views on important issues.

राज्य वित्त आयोग एक ऐसी संस्था है, जिसका गठन संविधान के 73वें और 74वें संशोधन के द्वारा किया गया था। इसका उद्देश्य राज्य और उससे निचले स्तर के प्रशासन के वित्तीय संबंधों को युक्तिसंगत बनाना था। इसका मुख्य कार्य जनता को पहुँचने वाली जन-सेवाओं में आने वाले वित्तीय क्षैतिज असंतुलन को दूर करना रहा है। परन्तु केन्द्र, राज्यों एवं अन्य व्यावसायिक संस्थाओं में इसके प्रति उदासीनता देखने को मिलती है। पढ़ना जारी रखें “राज्य वित्त आयोगों को क्षमतावान बनाया जाए #8”

गाँव की वास्तविक समस्या #7

Oracle IAS, the best coaching institute for UPSC/IAS/PCS preparation in Dehradun (Uttarakhand), brings to you views on important issues.

एक आर्थिक सर्वेक्षण, जिसमें नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एण्ड रूरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) भी शामिल है, से पता चलता है कि हमारे देश में ग्रामीणों की औसत आय में कृषि और पशुपालन का योगदान मात्र 23 प्रतिशत है। यहाँ तक कि उन ग्रामीण घरों में जहाँ कम से कम एक व्यक्ति कृषि-कर्म में रत है, पढ़ना जारी रखें “गाँव की वास्तविक समस्या #7”

स्मार्ट शहरों के लिए जन भागीदारी आवश्यक है #6

Oracle IAS, the best coaching institute for UPSC/IAS/PCS preparation in Dehradun (Uttarakhand), brings to you views on important issues.

भारतीय नगर और कस्बे जनता से भरते जा रहे हैं। साथ ही प्रदूषण और सड़क दुर्घटनाएं भी बढ़ती जा रही हैं। अप्रेल, 2018 में बोस्टन कंसलटिंग ग्रुप द्वारा किए गए एक अध्ययन में बताया गया है कि किस प्रकार भारत के मेट्रो शहरों में ट्रेफिक जाम के कारण 22 अरब डॉलर सालाना का नुकसान होता है।
भारत के नगर और कस्बे ही उसकी प्रगति के आधार हैं। इनका सुचारू प्रबंधन अति-आवश्यक है। यही सोचकर भारत सरकार ने स्मार्ट सिटी मिशन की शुरूआत की है। इसका उद्देश्य तकनीक के सदुपयोग से आर्थिक प्रगति और लोगों के जीवन-स्तर को सुधारना है। पढ़ना जारी रखें “स्मार्ट शहरों के लिए जन भागीदारी आवश्यक है #6”

अफ्रीका में भारत की बढ़ती पैठ #5

Oracle IAS, the best coaching institute for UPSC/IAS/PCS preparation in Dehradun (Uttarakhand), brings to you views on important issues.

प्रधानमंत्री की हाल ही की तीन अफ्रीकी देशों रवांडा, युगांडा और दक्षिण अफ्रीका की यात्रा समझौतों और उपलब्धियों से भरी रही है। इस यात्रा के दौरान उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में संपन्न ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लिया, और अफ्रीका में भारत की वचनबद्धता के 10 मूलभूत सिद्धांतों को भी स्पष्ट किया। नई रणनीति भारत-अफ्रीका के ऐतिहासिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों पर आधारित है। इसका मुख्य केन्द्र पूर्वी अफ्रीका है, जिसे दूसरे शब्दों में हम हिन्द-प्रशांत महासागर की पश्चिमी सीमा कह सकते हैं। भारत की सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ यह भारतीय सामान और सेवाओं के लिए बाजार तैयार करने एवं भारत की वैश्विक महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति हेतु नई संधियों की दृष्टि से अनुकूल है। पढ़ना जारी रखें “अफ्रीका में भारत की बढ़ती पैठ #5”

तमाम आयोगों की निरर्थकता #4

Oracle IAS, the best coaching institute for UPSC/IAS/PCS preparation in Dehradun (Uttarakhand), brings to you views on important issues.

भारत में राष्ट्रीय आयोगों की भरमार है। फिलहाल इनकी संख्या आठ के करीब हैं। ये स्वायत्त शासी संस्थान, मानवाधिकार और नागरिक स्वतंत्रता पर नजर रखते हुए, एक प्रकार से सरकार के लिए अप्रत्यक्ष रूप से काम करते हैं। राष्ट्रीय आयोगों का इतिहास 1978 से प्रारंभ होता है। पढ़ना जारी रखें “तमाम आयोगों की निरर्थकता #4”

स्वास्थ्य सेवाओं में सरकारी-निजी में अंतर कब मिटेगा #3

Oracle IAS, the best coaching institute for UPSC/IAS/PCS preparation in Dehradun (Uttarakhand), brings to you views on important issues.


हमारे देश का यह दुर्भाग्य है कि स्वास्थ्य सेवाएं प्रत्येक नागरिक की पहुँच में नहीं हैं। नागरिकों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं और सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं के बीच में बहुत बड़ा अंतर है। पढ़ना जारी रखें “स्वास्थ्य सेवाओं में सरकारी-निजी में अंतर कब मिटेगा #3”

अधर में विश्व व्यापार संगठन #2

चार दशक पहले अमेरिका ने विश्व व्यापार संगठन का एजेंडा प्रस्तुत करते हुए अपने व्यावसायिक हितों को साधने का प्रयत्न किया था। इससे पहले अमेरिका सदैव अलगाववादी रहा, और उसने बहुपक्षीय व्यापार का कभी समर्थन नहीं किया। 2001 की दोहा वार्ता को गहराई से देखने पर यह भी लगता है कि शायद अमेरिका ने जानबूझकर उसमें ऐसी शर्तं रखी थीं कि कोई देश उन्हें मान ही न सके। ओबामा प्रशासन का उद्देश्य तो यूरोप और चीन जैसे प्रतियोगियों की तुलना में अपनी ट्रांस पेसिफिक पार्टनरशिप को बढ़ावा देना रहा। इसलिए उसने विश्व व्यापार संगठन को पुनः सक्रिय करने के बारे में कभी नहीं सोचा।
अमेरिका ने विश्व व्यापार संगठन में विवादों के समाधान के लिए बनी अपीलीय संस्था में नए सदस्यों की भर्ती पर रोक लगा रखी है। वर्तमान में, इस संस्था में सात में से चार सदस्य ही काम कर रहे हैं, जिनमें से तीन 2019 तक सेवानिवृत्त हो जाएंगे। एक अकेले सदस्य के दम पर संगठन के विवादों को सुलझाना संभव नहीं है। इसके अलावा संस्था के कोरम को पूरा करने के लिए तीन सदस्यों का होना जरूरी है। इसको लेकर अमेरिका की आलोचना भी हो रही है, क्योंकि विवाद समाधान की प्रक्रिया में भी उसका हस्तक्षेप बना रहता है।

चीन का बढ़ता प्रभुत्व
2013 से विश्व व्यापार संगठन पर चीन का प्रभुत्व कुछ बढ़ता हुआ लग रहा है। दरअसल, 2001 में चीन के संगठन में प्रवेश के साथ ही उसे नियम आधारित प्रणाली से बहुत लाभ हुआ, जबकि अमेरिका और यूरोपियन यूनियन को चीन का प्रभुत्व एक बाधा लगने लगा था। अपने पहले विवाद ने ही चीन को एक व्यापक अनुभव प्रदान कर दिया, और वह अमेरिका व यूरोप के प्रति सजग रहने लगा। अब चीन, यूरोपियन यूनियन, भारत एवं कुछ अन्य देशों के साथ बहुपक्षीय व्यापार का प्रबल समर्थक बना हुआ है।
हाल ही में यूरोपियन यूनियन और चीन के बीच हुए समझौते के पीछे, एकतरफा और सुरक्षात्मक व्यापार नीति का विरोध बताया जा रहा है। लेकिन चीन के ऊपर व्यापारिक विश्वासघात को लेकर लगे लांछनों को देखते हुए, इसका सफल होना मुश्किल लगता है। विश्व की बदलती स्थितियों के साथ ही बहुपक्षीय संस्थाओं को भी इन परिवर्तनों को आत्मसात करना पड़ेगा। इसके साथ ही उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों को आगे बढ़कर बहुपक्षीय स्तर पर चलने वाली संस्थाओं को आकार देना चाहिए। शायद ऐसा करके विश्व व्यापार संगठन जैसी संस्थाओं के अस्तित्व को बचाया जा सके।

 

सम्बंधित मुद्दे एवं अवधारणाएं : बाली पैकेज;  खाद्य सुरक्षा और विश्व व्यापार संगठन; TRIPS; GATS

भारतीय नागरिकता कानून पर पुनर्विचार का समय है #1

Oracle IAS, the best coaching institute for UPSC/IAS/PCS preparation in Dehradun (Uttarakhand), brings to you views on important issues.

असम में चल रही भारतीय नागरिकता रजिस्टर मुहिम से भारतीय नागरिकता पर बने कानून और नीतियों पर एक बार खुलकर बहस करने और विचार करने का समय आ गया है। 1955 में बनाए गए नागरिकता अधिनियम का उद्देश्य ब्रिटिश राज की प्रजा को, ब्रिटिशकालीन भारत में रियासतों की प्रजा को तथा 1961 में पुर्तगाल द्वारा अधिकृत भारतीय क्षेत्रों के लोगों को भारतीय नागरिक के रूप में मान्यता देना था। इस अधिनियम में कई बार संशोधन किए गए। अंतिम संशोधन 2003 में हुआ था। पढ़ना जारी रखें “भारतीय नागरिकता कानून पर पुनर्विचार का समय है #1”