कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से नौकरियों की प्रकृति में बदलाव ( Artificial Intelligence(AI) will transform India’s job scene) #31

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प्रश्न :चौथी औद्योगिक क्रांति या उद्योग 4.0 से आप क्या समझते हैं| इससे रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव का  अध्ययन करते हुए इसके समक्ष चुनौतियों का वर्णन कीजिये|

संदर्भ

हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के युग में रहते हैं जिसने हमें उन्नत प्रौद्योगिकी, भंडारण क्षमता और सूचनाओं तक पहुँच प्रदान की है। प्रौद्योगिकी के गुणोत्तर विकास के पहले चक्र में कताई-मशीन, दूसरे में बिजली और तीसरे चक्र के अंतर्गत औद्योगिक क्रांति में कंप्यूटर का विकास हुआ।

वर्ष 2016 में विश्व आर्थिक मंच ने AI को ‘चौथी औद्योगिक क्रांति’ या ‘उद्योग 4.0’ कहा है। उद्योग 4.0 या चौथी औद्योगिक क्रांति विश्व भर में एक शक्तिशाली बल के रूप में उभर कर सामने आई है। इसके अंतर्गत अधिक डिजिटाइजेशन और उत्पादोंवैल्यू चेनव्यापार के मॉडल को एक-दूसरे से अधिक-से-अधिक जोड़ने के परिकल्पना की गई है।

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परमाणु हथियार पर नियंत्रण (nuclear arms control) #30

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प्रश्न:किन परिस्थितियों ने मध्यवर्ती रेंज परमाणु बल संधि(INF) की पृष्टभूमि को तैयार किया | इस संधि के अंतर्गत क्या प्रावधान सम्मिलित किए गए थे| वर्तमान में किन समस्याओं के कारण अमेरिका ने यह घोषणा किया है कि वह परमाणु बल संधि को छोड़ना चाहता है? 

संदर्भ

पिछले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि अमेरिका मध्यवर्ती रेंज परमाणु बल (INF) संधि छोड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने वर्ष 1987 में रूस के साथ इस द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किये थे। दरअसल, अमरिकी राष्ट्रपति का यह निर्णय अप्रत्याशित नहीं था क्योंकि अमेरिका लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि रूस तथा अन्य देशों इस संधि के नियमों के उल्लंघन कर अमेरिका को नुकसान पहुँचाते हैं।

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नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर(NRC) और असम #29

हाल ही में असम के तिनसुकिया ज़िले में  हुए हमले में उग्रवादियों ने बंगाली समुदाय के पाँच युवकों की हत्या कर दी। इस घटना में यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (ULFA इंडिपेंडेंट) का हाथ माना जा रहा था, लेकिन संगठन ने इस घटना में अपनी भूमिका होने से इनकार कर दिया था। इसी दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने हमले की निंदा करते हुए सवाल उठाया था कि क्या यह एनआरसी की वज़ह से हुआ है? इस प्रकार की हत्याएँ असमिया और बंगाली समुदायों के बीच दूरियों को बढ़ाती हैं क्योंकि विवाद के केंद्र में उन लोगों माना जा रहा है जो अंततः अद्यतन एनआरसी में शामिल नहीं हुए हैं।

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भारत स्थित न्यूट्रीनो वेधशाला(INO) को NGT का समर्थन #28

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प्रश्न :हाल ही मे NGT द्वारा भारत स्थित न्यूट्रीनो वेधशाला(INO) को कैसी मंजूरी दी गयी है| INO के कार्य को समझाते हुए इसके महत्वपूर्ण संभावित लाभ को बताएं|

चर्चा में क्यों?

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (National Green Tribunal- NGT) ने भारत स्थित न्यूट्रीनो वेधशाला (India-based Neutrino Observatory- INO) को दी जाने वाली पर्यावरण संबंधी मंज़ूरी का समर्थन किया है।

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विश्व बैंक की ‘डूइंग बिज़नेस रिपोर्ट’ 2019 #27

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प्रश्न : डूइंग बिजनेस रिपोर्ट  किसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है है| हाल ही में किए सर्वेक्षण में भारत की इस रिपोर्ट में क्या स्थिति है| इस रिपोर्ट की क्या महत्ता है|समझाइए|

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जल संकट और समाधान के उपाय # 26

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प्रश्न : जल ही जीवन है| परंतु वर्तमान समय में विभिन्न राज्यों में किन्ही कारणो से हो रहे  जल का अभाव समाज की बहुत बड़ी समस्या के रूप में सामने आ रहा है | अतः संभावित उन कारणों की जांच करते हुए बताएं कि किस प्रकार जल संकट  मे कमी लाई जा सकती है| 

संदर्भ

हाल ही में चेन्नई में निजी जल टैंकर ऑपरेटरों और पेयजल इकाइयों द्वारा की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल ने शहर में जल वितरण को लगभग बाधित कर दिया। इस घटना ने चेन्नई में अवैध जल व्यापार की एक गंभीर तस्वीर को उकेरा जो कि ज्यादातर भारतीय शहरों में देखी जा रही है। जल के लिये टैंकर के सामने घंटों तक बड़ी संख्या में कतार में खड़े लोगों का यह दृश्य अब केवल गर्मियों में ही नहीं, बल्कि भारत के लगभग सभी प्रमुख शहरों में घटित होने वाली एक नियमित घटना है। आने वाले वर्षों में स्थिति और खराब होने की उम्मीद है क्योंकि देश भर में जल संसाधन तेज़ी से दुर्लभ हो रहे हैं।

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कैसे रुके प्रवासी श्रमिकों का पलायन #25

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प्रश्न : वर्तमान में प्रवासी श्रमिकों के समक्ष ऐसी कौन सी परिस्थितियां है जो उन्हें झेलनी पड़ रही है? संविधान में उनके संदर्भ में क्या कोई प्रावधान भी सम्मिलित है  या नहीं?उनके प्रवास के कारण को समझाते हुए ऐसे उपाय भी सुझाए जो इनकी समस्या का निदान कर सके|

संदर्भ

हाल ही में गुजरात के साबरकांठा ज़िले में भड़की हिंसा के पश्चात् उत्तरी गुजरात के औद्योगिक क्षेत्र से हज़ारों प्रवासी श्रमिक भाग गए। इसके चलते सानंद, साबरकांठा, पाटन और अरावली के आसपास के इलाकों में ऑटो, फार्मा, सिरेमिक, कपास ओटाई (ginning), उर्वरक और रसायन तथा निर्माण जैसे कई उद्योग प्रभावित हुए। प्रवासी श्रमिक भारतीय अर्थव्यवस्था का महत्त्वपूर्ण हिस्सा हैं और कोई भी अर्थव्यवस्था जो प्रवासी श्रमिकों पर बहुत अधिक निर्भर हो वह इन श्रमिकों के अभाव में बहुत अधिक विकास नहीं कर सकती। इस लेख के माध्यम से प्रवासन के कारणों, प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं, उनसे जुड़े मुद्दों और उनके अधिकारों पर प्रकाश डालेंगे।

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कुपोषण मुक्त भारत

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प्रश्न : कुपोषण के कारणो को समझाते हुए सरकार द्वारा इसके संबंध मे किए गए उपायो को बताए|

1991 के बाद से भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 50 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। इसके बावजूद विश्व के एक तिहाई कुपोषित बच्चे भारत में रहते हैं। भारत में 5 वर्ष से कम उम्र के 44 प्रतिशत बच्चों का वजन कम है। 72 प्रतिशत शिशुओं और 52 प्रतिशत विवाहित महिलाओं को खून की कमी है। भारत में कुपोषण का स्तर अफ्रीका के कुपोषण पीड़ित सहारा के उपनगरों से भी बदतर है।

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बाढ़-प्रबंधन के रास्ते #23

 

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मानसून बीतने के साथ ही, जगह-जगह आई भीषण बाढ़ के कहर ने आपदा नियंत्रण से जुड़े अनेक प्रश्न खड़े कर दिए हैं। बाढ़ हर वर्ष आती है। परन्तु ऐसा लगता है कि असम, बिहार और तमिलनाडु में आई बाढ़ों से सरकार ने कोई सबक नहीं लिया है। नतीजतन केरल में भी बाढ़ ने कहर ढाया। अभी भी सरकार का मानना है कि ऐसी आपदा को मानवीय प्रयास नियंत्रित नहीं कर सकते थे। परन्तु तकनीकी तौर पर वास्तविकता कुछ और ही कहती है। पढ़ना जारी रखें “बाढ़-प्रबंधन के रास्ते #23”

मानव विकास सूचकांक (एच डी आई) में भारत की वास्तविक स्थिति #22

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  • गत वर्ष संयुक्त राष्ट्र के मानव विकास सूचकांक में भारत की रैंकिंग एक स्थान से ऊपर उठकर 130 पर पहुँच गई। इसके साथ ही गौर करने वाली बात यह है कि 1990 से लेकर अब तक भारत ने मानव विकास पैमाने पर काफी बेहतर किया है। 1990 में जहाँ भारत का मूल्यांकन 0.43 पर किया गया था, वहीं 2017 में यह लगभग 50 प्रतिशत बढ़कर 0.63 पर आ गया है।

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