UPPCS Mains- 2018 answer writing practice || UPPCS मुख्य परीक्षा – 2018 उत्तर लेखन अभ्यास #24

UPPCS Mains- 2018 answer writing practice

Discuss the evolving pattern and challenges in India-US relationship. (200 words)
भारतअमेरिका संबंधों के प्रारूप में  विकास और चुनौतियों पर चर्चा करें। (200 शब्द)

Evolving Indo-US relations:

  • The NSG waiver and the subsequent India-US nuclear deal were the most important milestones in the transformation of this bilateral relationship.
  • The inaugural India-US 2+2 dialogue between the foreign and defence ministers of the two countries is another significant step in the same journey.
  • The strategic and defence relationshipis underpinned by a common threat in the rise of an authoritarian China that doesn’t hesitate to flout global rules of engagement and aims to upend the US-led global order. US appreciate the role of India in putting up a joint counter to China’s rise.
  • The resumption of the quadrilateral dialoguebetween India, the US, Japan and Australia, and US aligning its views with India’s on China’s belt and road initiative (BRI)—signals that India-US Indo-Pacific cooperation has never had greater momentum.
  • There is significant trade and economic cooperation between India and the US as highlighted by the fact that India has a surplus of $23 billion in trade with America.

Associated challenges

  • The US’ CAATSAlaw, threatens sanctions against India for acquiring S-400 missile system from Russia.
  • US decision to exit JCPOA(Iran nuclear deal) has created hurdles for India’s foreign policy in west and central Asia.
  • US walking out of the UNFCCC’sCOP21 Paris Agreement is a significant divergence in interest with India as India is seriously committed to the deal.
  • Protectionist measures, particularly H1B visa changes and increase in import tariff on Indian products.

Conclusion

The US has already invested significantly in India and its rise. With rise of China, the US remains its most important strategic partner for India. Such awareness on both sides will help keep the bilateral engagements anchored in realism.


भारतअमेरिका संबंधों  में  विकास:

  • द्विपक्षीय संबंधों के परिवर्तन में सबसे महत्वपूर्ण मील का पत्थर परमाणु आपूर्ति समूह (एनएसजी) छूट और इसके बाद  भारतयूएस परमाणु समझौता  थे।
  • पहला भारतयूएस 2 + 2 (दोनों देशों के विदेशी और रक्षा मंत्रियों के बीच बातचीत) इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।
  • सामरिक और रक्षा संबंध : अधिसत्तावादी चीन, जो कि वैश्विक नियमो की  अवज्ञा करने में संकोच नहीं करता और अमेरिकी नेतृत्व वाले वर्तमान वैश्विक अनुक्रम को उलटना चाहता है,   के उदय के कारण सामरिक और रक्षा संबंध मजबूत हो गए हैं|चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए भारत और अमेरिका  एक संयुक्त  रणनीति का प्रयास कर रहे हैं|
  • चतुष्कोणीय  वार्ता : भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया द्वारा वार्ता के बहाने और अमेरिका द्वारा चीन के बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव(बीआरआई) पर अपने विचारों को भारत के विचारों से संगत करने से यह संकेत मिलता है कि भारत प्रशांत क्षेत्र में भारत और अमेरिका का सहयोग नई ऊंचाइयों को छूता जा रहा है|
  • भारत और अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण व्यापार और आर्थिक सहयोग इस तथ्य से उजागर है कि भारत का अमेरिका के साथ में 23 अरब डॉलर का व्यापार अधिशेष है।

संबंधित चुनौतियां

  • अमेरिका का सीएएटीएसए कानून, रूस से एस -400 मिसाइल प्रणाली हासिल करने पर भारत के विरुद्ध  प्रतिबंधों की धमकी देती है।
  • जेसीपीओए (ईरान परमाणु समझौते) से बाहर निकलने के अमेरिकी निर्णय ने पश्चिम और मध्य एशिया में भारत की विदेश नीति के लिए नईबाधाएं पैदा की हैं।
  • यूएनएफसीसीसी केसीओपी 21( पेरिस समझौतासे यूएस बाहर निकल रहा है । इस  सम्बन्ध में भारत के हित अमेरिका से  भिन्न है क्योंकि भारत इस समझौते के लिए गंभीरता से प्रतिबद्ध है।
  • संरक्षणवादी उपाय, विशेष रूप से एच 1 बी वीज़ा और भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ना ।

निष्कर्ष

अमेरिका ने पहले से ही भारत और इसके उदय में महत्वपूर्ण निवेश किया है। चीन के उदय के साथ, अमेरिका भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बना हुआ है। दोनों पक्षों पर इस तरह की जागरूकता, यथार्थवाद आधारित द्विपक्षीय जुड़ाव  कायम रखने में मदद करेगी।