UPPCS Mains- 2018 answer writing practice || UPPCS मुख्य परीक्षा – 2018 उत्तर लेखन अभ्यास #25

UPPCS Mains- 2018 answer writing practice

What are NPA and the major causes of rising NPA? Also mention the steps taken by the government. (200 words)
एनपीए क्या है  और इसमें वृद्धि के प्रमुख कारण क्या हैं? सरकार द्वारा इस से निपटने के लिए उठाए गए कदम बताएं |(200 words)

A loan is declared NPA if the borrower fails to pay interest/principle for a period of 90 days. For agricultural loan it depends on cropping cycle.

REASONS FROM COMPANY SIDE:

  • The funds borrowed by the company for a particular purpose were diverted.
  • Business failures.
  • Willful defaulters constitute ~21% of total NPAs of PSBs
  • Stressed sectors like Electricity (state electricity boards), Steel, Infrastructure, textiles, mines etc.
  • General Economic slowdown due to demonetization and tardy implementation of GST.

REASON FROM BANK SIDE:

  • Poor credit appraisals by banks.
  • PSBs provide loans under various compulsions that might not have sound business logic.
  • Lending under political pressure egs. PSBs compelled to give loans to stressed sectors like infrastructure.
  • Aggressive lending during economic upturn without due diligence.
  • Accounting tricks: Asset quality review unearthed the problem of subdued NPAs. These NPAs were hidden in the bank’s balance sheet but were not reflected properly. Hence the NPAs were being accumulated over the years.

 

Steps by Government /RBI

  • The government has announced 2.11 lakh crore of  bank re-capitalization funds.(Indhradhanush, Gyan sangam)
  • PJ Nayak committee on bank governance recommendation being implemented. Egs. Bank board Bureau created: Step towards letting PSBs be professionally and independently managed.
  • Insolvency and Bankruptcy code (2016) passed for fast resolution.
  • The RBI has taken many initiatives: S4A scheme, 5:25 scheme for infra loans, Strategic debt restructuring, PCA framework

Conclusion:

International experience (eg. SE ASIA) show that ARCs with government support can assist in resolving NPA issue. The PARA bank (Public Sector Asset Rehabilitation Agency) as recommended by the Economic Survey can be tried.


कोई ऋण तब एनपीए  घोषित होता है जब कर्जदार 90 दिन तक लगातार मूलधन या ब्याज नहीं दे पाता | कृषि ऋणों के लिए ये फसल चक्र पर निर्भर करता है |

उद्यम पक्ष के कारण:

  • कंपनी द्वारा किसी प्रयोजन से लिया गया ऋण किसी अन्य कार्य में खर्चा होना
  • व्यवसाय का दिवालिया हो जाना
  • सरकारी बैंकों में कुल एनपीए का लगभग ~21% ऐसे बकायेदारों का है जो क़र्ज़ चुकाने में अनिच्छुक हैं |
  • बिजली(राज्य बिजली बोर्ड ), स्टील, आधारिक संरचना , वस्त्र, खान जैसे कठिनाई से गुजर रहे  क्षेत्र |
  • वस्तु व सेवा कर तथा विमुद्रीकरण के कारण व्यापक आर्थिक मंदी |

बैंक पक्ष के कारण :

  • ऋण देने के समय साख का त्रुटिपूर्ण मूल्याङ्कन
  • सरकारी बैंक कई बाध्यताओं के कारण ऐसे ऋण भी देते हैं जहाँ कोई शुद्ध व्यापारिक कारण ऋण देने का नहीं है |
  • राजनितिक दबाव में ऋण देना | जैसे की सरकारी बैंक आधारिक संरचना जैसे क्षेत्र में भी ऋण देने को बाध्य थे |
  • आर्थिक समृद्धि के समय बिना सम्यक जांच पड़ताल के ताबड़तोड़ ऋण वितरण |
  • लेखा में हेरफेर: आस्ति गुणवत्ता समीक्षा ने छुपे हुए एनपीए की समस्या को उजागर किया | ये एनपीए बैंक के तुलनपत्र में ठीक से नजर नहीं आते थे और साल दर साल बढ़ते चले गए थे |

सरकार रिज़र्व बैंक द्वारा उठाये गए कदम

  • सरकार ने बैंकों में रु. २.11 लाख करोड़ के पुनर्पूंजीकरण की घोषणा की गयी है |(इन्द्रधनुष, ज्ञान संगम )
  • बैंक प्रशासन पर बनी PJ Nayak समिति की सिफारिशें कार्यान्वित की जा रही हैं | उदाहरण :- बैंक बोर्ड ब्यूरो की स्थापना से सरकारी बैंकों के पेशेवर और स्वतंत्र प्रबंधन में सहायता होगी |
  • दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता २०१६ को द्रुत समाधान के लिए लाया गया है |
  • रिज़र्व बैंक ने कई पहल की हैं जैसे S4A योजना , आधारिक ऋणों हेतु 5:25 योजना , सामरिक ऋण पुनर्गठन, PCA आदि .

 निष्कर्ष

अंतर्राष्ट्रीय अनुभव (दक्षिण पूर्व एशिया) से पता चलता है कि सरकारी सहयोग से ARC(आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ)  एनपीए का समाधान कर सकती हैं |आर्थिक समीक्षा द्वारा प्रस्तावित PARA बैंक  (सार्वजनिक क्षेत्र आस्ति पुनर्वास एजेंसी ) भी एक उपाय हो सकता है |