UPPCS Mains- 2018 answer writing practice || UPPCS मुख्य परीक्षा – 2018 उत्तर लेखन अभ्यास #31

UPPCS MAINS- 2018 ANSWER WRITING PRACTICE

The word in the constitution ‘democratic’ not only refers to political but also to social & economic democracy. (200 words)
भारतीय संविधान न केवल राजनीतिक बल्कि सामाजिक लोकतंत्र का वादा करता है। परीक्षण करें ।(200 words)

The word in the constitution ‘democratic’ not only refers to political but also to social & economic democracy.

Political democracy:

  • Political Democracy is a means for the people to choose their leaders and to hold their leaders accountable for their policies and their conduct in office.
  • The people decide who will represent them in parliament, and who will head the government at the national and local levels.

Social democracy:

  • Social democracy on the other hand is a political, social and economic ideology that supports economic and social interventions to promote socialism within a democratic framework.
  • Social democracy thus aims to create the conditions for capitalism to lead to greater democratic, egalitarian outcomes.
  • Here the government takes responsibility of providing social services without eliminating the role of market.

On the one hand political democracy is promoted through FR’s such as:

  • Equality before law,
  • Abolition of untouchability,
  • Prohibition of discrimination establishes equality of all Indians irrespective of caste, religion or sex, which is most important to establish political democracy in India, similarly
  • Right to freedom,
  • Right against exploitation and cultural and religious freedom

On the other hand, social democracy through DPSPs by promoting:

  • Equal justice,
  • Organisation of village panchyats,
  • Promoting interest of schedule castes, schedule tribes, OBCs and workers participation it tries to secure social order for the promotion of welfare of the people, also promoting
  • Right to work, living wage, organising agriculture and animal husbandry and cottage industries it tries to secure economic interest of the people to establish social democracy.

To achieve the ideals of social and economic welfare the state is required to involve in different social welfare schemes as like reservation for SC/ST/OBCs, MGREGA, Mid-Day Meal Scheme, Sarva Shiksha Abhiyan, 73rd and 74th Amendment acts, etc.

Conclusion:

All these provisions in the constitution as well as the government policies are right steps towards the Dr. B. R. Ambedker’s and many more leaders dream of achieving not only political democracy but also social democracy in which giving voice to the voiceless society.


संविधान ‘लोकतांत्रिक’ शब्द में न केवल राजनीतिक बल्कि सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र को संदर्भित करता है।

राजनीतिक लोकतंत्र:

  • राजनीतिक लोकतंत्र लोगों के लिए अपने नेताओं का चयन करने और अपने नेताओं को उनकी नीतियों और उनके आचरण के लिए अपने प्रति उत्तरदायी रखने का साधन है।
  • लोग तय करते हैं कि संसद में उनका प्रतिनिधित्व कौन करेगा, और राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर पर सरकार का नेतृत्व कौन करेगा।

सामाजिक लोकतंत्र:

  • दूसरी ओर सामाजिक लोकतंत्र एक राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विचारधारा है जो लोकतांत्रिक ढांचे के भीतर समाजवाद को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक और सामाजिक हस्तक्षेप का समर्थन करता है।
  • इस प्रकार सामाजिक लोकतंत्र का उद्देश्य पूंजीवाद की स्थिति को और अधिक लोकतांत्रिक एवं समतामूलक बनाना है।
  • यहां सरकार बाजार की भूमिका को खत्म किए बिना सामाजिक सेवाएं प्रदान करने की ज़िम्मेदारी लेती है।

एक ओर राजनीतिक लोकतंत्र को मूल अधिकारों के माध्यम से प्रोत्साहित किया जाता है, जिनमे से कुछ निम्न हैं :

  • कानून के समक्ष समानता,
  • अस्पृश्यता का उन्मूलन,
  • भेदभाव का निषेध जाति, धर्म या लिंग आदि पर ध्यान दिए बिना सभी भारतीयों की समानता स्थापित करता है|
  • स्वतंत्रता का अधिकार,
  • शोषण के विरुद्ध अधिकार, और सांस्कृतिक और धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार

दूसरी तरफ, नीति निर्देशक तत्त्व सामाजिक लोकतंत्र को बढ़ावा देते हैं :

  • समान न्याय,
  • गांव पंचायतों का संगठन,
  • अनुसूचित जातियों, अनुसूची जनजातियों, ओबीसी और श्रमिकों की भागीदारी से लोगों के कल्याण और हितों को बढ़ावा देना
  • काम करने का अधिकार, आजीविका मजदूरी, कृषि और पशुपालन और कुटीर उद्योगों के आयोजन आदि से  लोगों के आर्थिक हित को सुरक्षित करने की कोशिश की जाती है।

सामाजिक और आर्थिक कल्याण के आदर्शों को प्राप्त करने के राज्य विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं/कार्यो  को संचालित करता है जैसे अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण, MGREGA, मध्याह्न भोजन योजना, सर्व शिक्षा अभियान, 73वांऔर 74वेंसंशोधन आदि |

निष्कर्ष:

संविधान के साथ-साथ सरकारी नीतियों में ये सभी प्रावधान डॉ बीआर अम्बेडकर  एवं अन्य नेताओं के न केवल राजनीतिक लोकतंत्र बल्कि सामाजिक लोकतंत्र, जिसमे आवाजविहीन समाज की आवाज की उठाया जाता है,   को प्राप्त करने के सपने को धरातल पर उतरने का प्रयास करते  हैं।