UPPCS Mains- 2018 answer writing practice || UPPCS मुख्य परीक्षा – 2018 उत्तर लेखन अभ्यास #32

UPPCS MAINS- 2018 ANSWER WRITING PRACTICE

Killing of Duke Ferdinand was the immediate cause for WWI, but the seeds were sown  decades back. Critically analyze. (200 words)
ड्यूक फर्डिनेंड की हत्या प्रथम विश्व युद्ध के लिए तात्कालिक कारण थी, लेकिन इसके बीज दशकों पहले बोए गए थे । गंभीर विश्लेषण करें। (200 शब्द)

In  1914, AustroHungary  declared war on the Serbia, exactly one month after  the assassination of Duke Ferdinand. Although the war was between 2 countries, the whole world  came under its ambit only because of the seeds sown decades back through various treaties and  events:

Rise of Germany:
In 1871, German Unification significantly improved its industrial and economic power.  Germany became one of the largest producer in iron, steel, coke, dye and pharmaceuticals,  artificial dye and vied with the British Royal Navy for world naval supremacy.  Arms race between Britain and Germany eventually extended to the rest of Europe. All major
powers began devoting their industrial base for defense production.

Bismarck
To protect infant Germany, Bismarck followed a policy of cautious continentalism.   “Triple Alliance” was signed among Germany, Austria, and Italy. But, this mutual alliance system was militant in character.  Thus, Bismarck laid down a curtain between Western and Eastern Europe, creating an environment of mutual suspicion among nations.

Kaiser William II introduced the policy of “Aggressive Imperialism” and “Weltpolitik (world  politics)” with three objectives:
>Interference in world politics
>Expansion of Germany
>Naval empowerment
This policy gave promotion to alliance system.  Triple Entente among Britain, France and Russia to counter the Germany led Triple Alliance, France and Russia – Dual Alliance , Britain-Japan  friendship treaty (1902).
Although remaining world was out of formal treaties. They too were dragged to serve their  colonial masters. Thus a deadly script was written on social, political, military and economic  developments, leading to conflicts like Eastern question and Balkan crisis and finally culminated into WW1.


1 9 14 में, ऑस्ट्रिया हंगरी ने ड्यूक फर्डिनेंड की हत्या के ठीक एक महीने बाद, सर्बिया पर युद्ध की घोषणा की । यद्यपि युद्ध 2 देशों के बीच था, लेकिन अपनी महत्वाकांक्षाओं के कारण पूरी दुनिया ही दशकों पुरानी कई संधि और घटनाओं के माध्यम से  इस युद्ध का भाग बन गयी :

जर्मनी का उदय:
1871 में, जर्मन एकीकरण ने इसकी औद्योगिक और आर्थिक शक्ति में काफी बढ़त की । कुछ ही समय में जर्मनी लोहे , स्टील, कोक, डाई और दवाओं का सबसे बड़ा उत्पादक बन गया और नौसैनिक सर्वोच्चता के लिए ब्रिटिश नौसेना के साथ प्रतिद्वंद्विता करने लगा | अंततः ब्रिटेन और जर्मनी के बीच हथियारों की दौड़ बाकी यूरोप तक फ़ैल गई। सभी प्रमुख  शक्तियों ने अपने औद्योगिक आधार का उपयोग हथियार उत्पादन के लिए  करना शुरू कर दिया।

बिस्मार्क
नवोदित जर्मनी की रक्षा के लिए बिस्मार्क ने सतर्क महाद्वीपवाद की नीति का पालन किया।
जर्मनी, ऑस्ट्रिया और इटली के बीच त्रिपक्षीय संधि,  “ट्रिपल एलायंस” पर हस्ताक्षर किए गए थे। लेकिन, यह आपसी गठबंधन प्रणाली सैन्य प्रकृति की थी। इस प्रकार, बिस्मार्क ने पश्चिमी और पूर्वी यूरोप के बीच एक दरार डाली, जिससे राष्ट्रों के बीच पारस्परिक संदेह का माहौल बना।

कैसर विलियम द्वितीय ने तीन उद्देश्यों से “आक्रामक साम्राजयवाद” और “वेल्टपोलीटिक (वैश्विक राजनीती )” का प्रयोग किया :-
> विश्व राजनीति में हस्तक्षेप
> जर्मनी का विस्तार
> नौसेना सशक्तिकरण
इस नीति ने गठबंधन/संधि  प्रणाली को बढ़ावा दिया। जर्मनी नीत ट्रिपल एलायंस का सामना करने हेतु ब्रिटेन, फ्रांस और रूस के बीच ट्रिपल एंटेंटे, फ्रांस और रूस के बीच  – डुअल एलायंस और  ब्रिटेन-जापान की मित्रता संधि (1902) हुई |
हालांकि शेष दुनिया औपचारिक संधि से बाहर थी। उन्हें भी अपने औपनिवेशिक स्वामी की सेवा के लिए युद्ध में खींच लिया गया था । इस प्रकार खतरनाक सामाजिक, राजनीतिक, सैन्य और आर्थिक स्थितियों का विकास हुआ, जिससे पूर्वी प्रश्न और बाल्कन संकट जैसे संघर्ष हुए और  परिणिति अंततः प्रथम विश्व युद्ध के रूप में हुई |