UPPCS Mains- 2018 answer writing practice #35

UPPCS Mains- 2018 answer writing practice

What reasons obstruct the development of SAARC as a regional body? Also discuss its potential for the development of south Asia. (200 words)

एक क्षेत्रीय निकाय के रूप में सार्क के विकास में क्या बाधाएं हैं? दक्षिण एशिया के विकास के लिए इसकी क्षमता पर भी चर्चा करें।


Model Answer 

SAARC the regional Cooperation platform for eight south Asian countries was established in 1985.The south Asian countries share similar history and geographical features and face similar issues. Except few fruits of cooperation like SAARC University and SAARC satellite, it has largely failed as there are contentious issues among member Nations

Challenges in the functioning of SAARC:-

1) Pakistan and India both are nuclear powers and have long standing disputes on Kashmir , thus lack of trust between two big members cripples the SAARC

2) Asymmetric membership structure i.e small neighbors like Sri Lanka Nepal and Bhutan concerned about their sovereignty due to presence of Large member like India

3) Intra regional trade is low despite South Asian Free trade agreement (SAFTA)

4) Member nations have unique cultural inclination and they are not willing to subsume that for collective identities

5) Military rule or nascent democracy in some member states in the past have largely affected government level negotiations and affected people to people contacts

 

SAARC is one of the least connected regions in the world. SAARC has potential to emerge as powerful economic union like ASEAN, EU.

  1. Strong cultural identities between nations likely to ensure effective integration.
  2. Democracies and open economies in the region.
  3. With 21% of the world’s population and Nations with younger demography, SAARC nations have human resource pool for industrial activities as well as provide market for big companies.
  4. At a time when global economy is almost stagnant, SAARC with fast growing economies has potential to become powerful economic union.

दक्षेस आठ दक्षिण एशियाई देशों के लिए क्षेत्रीय सहयोग मंच के रूप में 1985 में स्थापित किया था। दक्षिण एशियाई देश साझा इतिहास और भौगोलिक विशेषताओं से जुड़े हैं और समान मुद्दों का सामना करते हैं। सार्क विश्वविद्यालय और सार्क उपग्रह जैसे सहयोग के कुछ सफल उद्यमों को छोड़कर, यह काफी हद तक विफल रहा है क्योंकि सदस्य राष्ट्रों के बीच कई विवादास्पद मुद्दे हैं

सार्क के कामकाज में चुनौतियां: –

1) पाकिस्तान और भारत दोनों ही परमाणु शक्तियां हैं और कश्मीर पर लंबे समय से विवाद चल रहा है, इस प्रकार सार्क के दो बड़े सदस्यों के बीच विश्वास की कमी है

2) असममित सदस्यता संरचना : भारत की तरह बड़े सदस्य की उपस्थिति के कारण श्री लंका, नेपाल और भूटान जैसे छोटे पड़ोसी अपनी सम्प्रभुता को लेकर चिंतित रहते हैं |

3) दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार समझौते (SAFTA) के बावजूद क्षेत्रीय व्यापार कम है

4) सदस्य राष्ट्रों की विशिष्ट संस्कृतियाँ है और वे सामूहिक पहचान के लिए उन्हें छोड़ने को तैयार नहीं हैं

5) कुछ सदस्य राज्यों में पूर्वकालिक सैन्य शासन या नवजात लोकतंत्र के कारण  बड़े पैमाने पर सरकारी स्तर की बातचीत को प्रभावित किया और जनसंपर्क को भी प्रभावित किया है

 

सार्क दुनिया के सबसे कम आपसी जुड़ाव वाले क्षेत्रों में से एक है। सार्क में आसियान, यूरोपीय संघ जैसे शक्तिशाली आर्थिक संघ के रूप में उभरने की क्षमता है:

  1. प्रभावी एकीकरण सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रों के बीच मजबूत सांस्कृतिक सम्बन्ध ।
  2. क्षेत्र में लोकतंत्र और खुली अर्थव्यवस्थाएं।
  3. दुनिया की 21% आबादी और युवा जनसांख्यिकी वाले राष्ट्रों के साथ, SAARC राष्ट्रों के पास औद्योगिक गतिविधियों के लिए असीम मानव संसाधन है और साथ ही बड़ी कंपनियों के लिए बाजार भी है।
  4. ऐसे समय में जब वैश्विक अर्थव्यवस्था लगभग स्थिर है, सार्क तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं के साथ शक्तिशाली आर्थिक संघ बनने की क्षमता रखता है।

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